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लेटेस्ट फूड ट्रेंड्स: क्या खोया हमने पारंपरिक सब्जियों में?

हर घर रेस्टोरेंट..!!
दाल मखनी, नर्गिसी कोफ्ते, काबुली चना, राजमा रसीले, पनीर दो प्याजा… यही नाम होते हैं रेस्टोरेंट में, और अब यही नाम हम लेते भी हैं… हर घर अब यही नाम लेने लगा है। इन नामों के ग्लैमर में हमारे कई नाम और स्वाद खो गए। अब यही फैशनेबल सब्जियां घर में बनती हैं… बस..!

टिंडा, घीया, तोरी जैसी सब्जियां रेस्टोरेंट में नहीं मिलती, इसलिए बच्चों को पसंद नहीं। अब सिर्फ बच्चे नहीं, उनके मां बाप को भी पसंद नहीं। क्योंकि मम्मी पापा ने भी बचपन में नहीं खाई। रेस्टोरेंट ने हमारी प्लेट बदल दी, रसोई पलट दी, हमारा स्वाद तंत्र बदल दिया। अब पैकेट वाले मसाले, फ्रोजन सब्जियां, पैकेट वाली क्रीम, हाइब्रिड टमाटर का जमाना है।

ग्वार की फली, मुंगरा, शलगम, सेम की फली, परमल, कुंदरु को यदी संरक्षित न किया तो कसम से इंसानी पूंछ की तरह धरती से गायब हो जाएंगी। बहुत मन करता है पुराने अंदाज में प्लेट बने। आलू मुंगरे की सब्जी, धनिए पुदीने की चटनी, हरि मिर्च का तीखा आचार, एक कटोरी में घर की जमी दही… पर नहीं जी..! आजकल थाली में आता है शाही पनीर, राजमा रसीला… छोले चावल… किचन किंग और तीखा लाल जैसे मसालों से “अंग अंग फड़का” टाइप… अरे नहीं फड़काना भाई अंग अंग, सामान्य खाना खाना है। बेसिक मसालों से बने। बेसिक मसाले बोले तो नमक मिर्च हल्दी जीरा साबित धनिया… बस..! हर बात में शाही नहीं बनना, गोभी में नहीं डालनी काजू पेस्ट हमे… नहीं करना प्याज ब्राउन, ऐसे खिला दो जैसे 30 साल पहले मम्मी बनाती थीं।

ज्यादा इनोवेशन ज्यादा ग्लैमर ज्यादा फैशनेबल दिखने की दौड़ में वो पुराना जायका, वो पुराना गुण, वो पुरानी सब्जियां कहीं खत्म हो गईं। दावे से कह सकता हूं, सन 2000 के बाद पैदा हुए अधिकांश बच्चों ने हमारी 90% सब्जियां चखी तक न होंगी। ये ब्रोकली और एवाकाडो एरा के बच्चे हैं… ये अदरक भी थाई वाली खाते हैं और चाय भी रोजमेरी या लेमन ग्रास वाली पीते हैं।

इनको बताना खिलाना हमारा दायित्व है…

सच में… रेस्टोरेंट ने एक खतरनाक हमला किया है हमारी आपकी रसोई पर।

ऐसी ही अन्य जानकारी व आयुर्वेदिक टिप्स के लिए जुड़े रहें हमारे साथ।

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अगर आप भी Sting जैसी Energy Drink पीते हैं, तो सावधान हो जाइए!

आज के तेज़ रफ्तार जीवन में थकान, नींद और काम का दबाव आम बात हो गई है। ऐसे में बहुत-से लोग तुरंत ऊर्जा पाने के लिए Sting, Red Bull, Monster जैसी Energy Drinks का सहारा लेने लगे हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये ड्रिंक्स आपको “तुरंत एनर्जी” देने के साथ-साथ धीरे-धीरे आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती हैं?

⚠️ Energy Drink कैसे करती हैं शरीर को नुकसान?

Energy drinks में आमतौर पर ये तत्व होते हैं:

  • अत्यधिक कैफीन
  • बहुत ज़्यादा शुगर
  • केमिकल स्टिमुलेंट्स
  • आर्टिफ़िशियल फ्लेवर और प्रिज़रवेटिव्स

इनका असर शरीर पर इस प्रकार पड़ता है:

1️⃣ हृदय पर बुरा प्रभाव

Energy drinks दिल की धड़कन को असामान्य रूप से तेज कर देती हैं। इससे:

  • घबराहट
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हार्ट अटैक का खतरा
    बढ़ सकता है, विशेषकर युवाओं में।

2️⃣ मानसिक स्वास्थ्य पर असर

लगातार सेवन से:

  • चिड़चिड़ापन
  • बेचैनी
  • नींद न आना
  • तनाव और एंग्जायटी
    जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

3️⃣ पाचन तंत्र कमजोर होता है

आयुर्वेद के अनुसार ये ड्रिंक्स अग्नि (Digestive Fire) को कमजोर करती हैं, जिससे:

  • गैस
  • एसिडिटी
  • कब्ज
  • भूख न लगना
    जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।

4️⃣ नकली ऊर्जा, असली थकान

Energy drink असली शक्ति नहीं देती, बल्कि नसों को उत्तेजित कर शरीर की जमा हुई ऊर्जा को जबरन खर्च कराती है।
नतीजा → कुछ समय बाद और ज़्यादा थकान।


🌿 आयुर्वेद क्या कहता है?

आयुर्वेद में कहा गया है:

“न हि बलं तात्कालिकं स्वास्थ्याय भवति।”
अर्थात जो शक्ति तुरंत मिले, वह स्वास्थ्य के लिए हितकारी नहीं होती।

आयुर्वेद के अनुसार:

  • यह ड्रिंक्स वात और पित्त दोष को बढ़ाती हैं
  • ओज (शरीर की असली ऊर्जा) को नष्ट करती हैं
  • लंबे समय में रोगों का कारण बनती हैं

✅ Energy Drink के सुरक्षित आयुर्वेदिक विकल्प

अगर आपको थकान या कमजोरी महसूस होती है, तो इन प्राकृतिक विकल्पों को अपनाएँ:

  • गुनगुना पानी + शहद + नींबू
  • छाछ
  • नारियल पानी
  • अश्वगंधा या शतावरी (वैद्य की सलाह से)
  • पर्याप्त नींद और संतुलित भोजन

🔔 सावधान रहें, समझदारी से चुनें

याद रखें,
स्वस्थ शरीर का आधार प्राकृतिक ऊर्जा है, केमिकल नहीं।

अगर आप लगातार थकान, कमजोरी, घबराहट या नींद की समस्या से जूझ रहे हैं, तो केवल energy drink पर निर्भर न रहें।
आयुर्वेदिक जाँच और नाड़ी परीक्षण के माध्यम से शरीर की असली समस्या को समझना ज़रूरी है।


🌿 स्वस्थ रहें, सजग रहें

Dr. Jai Narayan
Naadi Vaidya | Ayurvedic Physician | Lifestyle Coach